सरकार द्वारा हर कदम जो उठाया जा रहा है देश की हित के लिए है आपकी सुरक्षा के लिए. नियमो की पालना करे जितना हो सके एक दुसरे से दूरी बनाये रखे , अपने हाथों को अच्छी तरहं साफ़ करे , मास्क पहने , देश आपके साथ है और देश आपका है। अपने मोबाइल फ़ोन्स को , सरफेस को अच्छी तरहं से डिसइंफेक्ट करे। दुकानों के बहार और अंदर एक एक करके ही ग्राहक को सामान दे। भीड़ न पैदा होने दे। फैक्ट्री के भीतर और बहार सुरक्षा के पुख्ता इंजाम करे। सिर्फ मास्क पहनने से हे नहीं बल्कि पूरी सतर्कता से काम ले। यहआपकी सेहत के लिए जरूरी है। सुरक्षित रहे. Download AarogyaSetu App for staying informed and alert.


COVID- 19 Precautions

Regularly and thoroughly clean your hands with an alcohol-based hand rub or wash them with soap and water. Why? Washing your hands with soap and water or using alcohol-based hand rub kills viruses that may be on your hands. Maintain at least 1 metre (3 feet) distance between yourself and others. Why? When someone coughs, sneezes, or speaks they spray small liquid droplets from their nose or mouth which may contain virus. If you are too close, you can breathe in the droplets, including the COVID-19 virus if the person has the disease. Avoid going to crowded places. Why? Where people come together in crowds, you are more likely to come into close contact with someone that has COIVD-19 and it is more difficult to maintain physical distance of 1 metre (3 feet). Avoid touching eyes, nose and mouth. Why? Hands touch many surfaces and can pick up viruses. Once contaminated, hands can transfer the virus to your eyes, nose or mouth. From there, the virus can enter your body and infect you. Make sure you, and the people around you, follow good respiratory hygiene. This means covering your mouth and nose with your bent elbow or tissue when you cough or sneeze. Then dispose of the used tissue immediately and wash your hands. Why? Droplets spread virus. By following good respiratory hygiene, you protect the people around you from viruses such as cold, flu and COVID-19. Stay home and self-isolate even with minor symptoms such as cough, headache, mild fever, until you recover. Have someone bring you supplies. If you need to leave your house, wear a mask to avoid infecting others. Why? Avoiding contact with others will protect them from possible COVID-19 and other viruses. If you have a fever, cough and difficulty breathing, seek medical attention, but call by telephone in advance if possible and follow the directions of your local health authority. Why? National and local authorities will have the most up to date information on the situation in your area. Calling in advance will allow your health care provider to quickly direct you to the right health facility. This will also protect you and help prevent spread of viruses and other infections. Keep up to date on the latest information from trusted sources, such as WHO or your local and national health authorities. Why? Local and national authorities are best placed to advise on what people in your area should be doing to protect themselves..

रविवार, 27 फ़रवरी 2022

धमाकों के बीच रातों की नींद आँखों से दूर हो गई

 

धमाकों के बीच रातों की नींद आँखों से दूर हो गई-:

युद्ध के चलते भारत सकरार  , देश के प्रधान मंत्री  नरेंद्र मोदी जी  ने अपने नीगरिकों को  यूक्रैन से निकालने के लिए जो प्रयास कर रहे  है वह सरहानीय योग है।    यूक्रैन में फसे  भारत के नागरिकों   की हिफाज़त के लिए जारी  किए हेल्पलाइन नंबर  

भारत  का एयर इंडिया  विमान सुरक्षित रोमानिया से अपने नागरिको को लेकर भारत के लिए उड़ान भर  चूका है 

400 से ज़ायदा  छात्रों की वापसी।  यूक्रैन म ें फसे भारतीय नागरिको को  भारत लाने की कवायद तेज।   लेकिन अभी भी 15000 से ज़ायदा भारत के नागरिक यूक्रैन में फसे  है। 

अपनी जान को  बचाने के लिए बकरों का सहारा लेना पड़ रहा है।  जहाँ धमाकों के बीच  रातों की नींद आँखों से दूर हो गई वही दिन के समय में भी अपनी हिफाज़त के  लिए बंकरों में बैठे रहना मजबूरी हो गई। 

लेकिन इसी बीच भारत सरकार ने विमानों की सख्या  को और बड़ा दिया है जिससे की यूक्रैन में फसे भारतियों को जल्द से जल्द  सुरक्षित  अपने वतन लाया जाए।  

इंडियन एयरफोर्स की तरफ से भी बयान आया है की वो भी पूर्ण रूप सी त्यार है अपने देश के निगरिको को   सुरक्षित वापिस लाने के लिए।  

इस वक़्त  पहला विमान 219 छात्रों को लेकर मुंबई  सुरक्षित अपने वतन लौट आया।   छात्रों के माँ बाप  का ख़ुशी के आंसूं और अपने बच्चों के सुरक्षित देख कर जो सकूं मिला वो बयान करना शायद कम होगा।  

आप्रेशन गंगा के तहत  एयर इंडिया  भारत के नागरिको को लेकर अपने वतन  वापिस लौटे। 

आगे भी किस प्रकार से किस रूट से कैसे सभी को सुरक्षित  वापिस लाया जाए इस  पर भारत सरकार  अपनी सूझबूझ से भारत के निगरिको को  वतन वापिस लेकर आ रही है। 

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शनिवार, 3 अक्तूबर 2020

सबसे ज़ायदा पिरामिड किस देश में पाए जाते है?

 पिरामिड लोग इन पिरमिड को देखने के लिए जाते है इनके बारे में जानना चाहते है।  लेकिन  यह अपने आप में बहुत बड़े रहस्य होते है।  


अगर हम कहे तो सबसे ज़ायदा पिरामिड किस देश में पाए जाते है   तो आपके मन में सबसे पहला देश जो आएगा वो आप सब  जानते ही है  लेकिन आपको बता दे 

अधिकतर लोगों को यह गलतफहमी जरूर होगी कि दुनिया में सबसे ज्यादा पिरामिड इजिप्ट या कहें कि मिस्त्र में पाए जाते हैं।

लेकिन यह तथ्य जानकर आप चौंक जायेंगे की दुनिया में सबसे ज्यादा पिरामिड मिस्र देश में नहीं पाए जाते बल्कि वह सूडान देश में पाए जाते हैं।

मिस्र में 138 अधिकारिक पिरामिड है लेकिन ऐसा माना जाता है कि उत्तर सुडान रेगिस्तान में 200 से भी अधिक पिरामिड है।

मिस्र के पिरामिड 450 फ़ीट के करीब ऊंचे हैं जबकि सूडान के पिरामिड 20 से 100 फ़ीट ऊंचे हैं।

सूडान के पिरामिड को kingdom of kush द्वारा बनवाया गया था और इनका निर्माण मिस्र के पिरामिड बनने के 500 साल बाद शुरू हुआ।

Source :- Google 
ऑनलाइन हैडलाइन स्पेशल 

अटल टनल के इस प्रोजेक्ट को प्रधान मंत्री जी ने किया देश को सम्प्रति करते हुए प्रणाम

दुनियां की सबसे बड़ी अटल टनल को किया देश को सम्प्रति देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोहतांग में आज दुनिया की सबसे बड़ी 'अटल टनल' का लोकार्पण करने पहुंचे. रोहतांग में स्थित 9.02 किलोमीटर लंबी ये टनल मनाली को लाहौल स्पीति से जोड़ती है.

6 साल में हुआ पूरा सारा यह काम . इंफ्रास्ट्रचर के अहम और इतने बड़े प्रोजेक्ट और अनेक प्रोजेक्ट पुरे किये जा चुके है और भी जो प्रोजेक्ट अभी चल रहे है उनपर तेजी से काम चल रहा है।


साल 2005 में यह आकलन किया गया था यह टनल लगभग साडे नौ सो करोड़ लगाकर त्यार हो जाएगी। ..लेकिन   लगातार होती देरी के कारण। .आज इसपर जो खर्च आया तीन गुना ज्यादा आया 3200  करोड़ से अधिक खर्च करने से पूरी हो पाई है।  

साथियों कनैक्टिविटी का देश के विकास से सीधा सम्बन्ध होता है। जायदा से जयदा  कनैक्टिविटी यानी उतना ही तेज विकास।

यह अटल टनल की वजह से अब सफर हुआ और भी आसान अब मिले सबको एक और नई उड़ान , चहरो पर खिली इश्क़ की मुस्कान। अटल टनल के इस प्रोजेक्ट को प्रधान मंत्री जी ने किया देश को सम्प्रति करते हुए प्रणाम

खास कर बॉर्डर एरिया में तो कनेक्टिविटी  देश की सुरक्षा के लिए सीधे  सीधे जुडी होती है। 

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को बधाई  दी और यह अटल टनल को देश को समर्पित की और देश  वासियों ने  प्रधान मंत्री जी को इस पर ख़ुशी प्रकट करते हुए उनका  ध्यनवाद किया।  

ऑनलाइन हैडलाइन स्पेशल 

पुल बनाने का काम हो , सुरंग बनाने का काम हो या फिर सड़को का पहले कभी भी इन क्षेत्रों में कभी भी काम नहीं हुआ और ना ही इतनी तेज रफ़्तार से से आज तक देखने को मिला . देश की सुरक्षा करने वालो का हितो का ध्यान रखना सरकार की प्राथिमकता है।

और भी कई बातों पर देश के प्रधान मंत्री जी ने देश को सम्भोदित करते हुए महत्वपूर्ण बातों को देश के सामने रखा , देश की सुरक्षा की बात हो या देश तरकी की तरफ बड़ते हुए कदमो की , देश की मजबूती , भावनाओ की .. या फिर देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रोजेक्ट्स में तेजी से हो रहे कामो की हर बात आपके साथ साँझा करते हुए अपने कर्तव्य को निभाते हुए प्रधान मंत्री। रिपोर्ट -अभिषेक, दिव्य